साँसों की इस धुन में,
अब तेरा ही नाम बजता है,
जीवन का हर एक पल,
अब तुझमें ही सजता है।
जैसे लहरें किनारों से,
एक पुराना नाता जोड़ती हैं,
वैसे ही मेरी हर धड़कन,
तुझसे ही राहें मोड़ती है।
यह जीवन एक संगीत है,
जिसका तू ही एकमात्र साज़ है,
मेरे सूने से आसमान में,
तू ही सतरंगी आगाज़ है।
कभी धीमी सी सरगम,
कभी धड़कनों की तेज रफ्तार,
हर लय में घुला है बस,
तेरा ही बेपनाह प्यार।
उतार-चढ़ाव जो आते हैं,
इस जीने के सफ़र में,
वो भी खूबसूरत लगते हैं,
अब तेरे इस असर में।
तू साथ हो तो हर रास्ता,
मंजिल सा लगता है,
तेरी मौजूदगी से ही,
जीवन का हर सुर खिलता है।
न कोई शोर की जरूरत,
न कोई भारी अल्फाज,
हम दोनों की खामोशी में भी,
एक हसीं राज है।
यह जीवन की लय है,
जो प्यार के सुरों में ढली है,
तेरे संग मिलकर ही,
मेरी रूह की कलियाँ खिली हैं।
वक्त की इस भाग-दौड़ में,
जब थकने लगती हैं राहें,
तेरी बाँहों के साये में,
सिमट जाती हैं सब आहें।
जो खोया था कभी,
वो सब तुझे पाकर मिल गया,
तेरी मुस्कान को देख,
मेरा हर ज़ख्म ही धुल गया।
सर्द रातों की तन्हाई हो,
या तपती धूप का साया,
तूने ही मुझे हकीकत में,
जीना असल में सिखाया।
धड़कनों का ये सिलसिला,
जो चलता है अब रात-दिन,
मुमकिन ही नहीं जीना,
अब एक भी पल तेरे बिन।
कदम-कदम पर ये लय,
और भी निखरने लगी है,
तुझसे मिलकर ही तो,
किस्मत सँवरने लगी है।
यह जीवन की लय,
अब प्यार का ही गीत बन गई है,
तेरी चाहत ही मेरे,
वजूद की रीत बन गई है।
_वैभव कुमार सेजवार_
#SejwarInkOfficial
No comments:
Post a Comment