तुमसे मिलना है,
पर डर लगता है,
कि कहीं तुम रूठ न जाओ,
और हमें मनाना भी नहीं आता।
तुमसे प्यार करना है,
पर डर लगता है,
कि कहीं तुम हमें नापसंद कर दो,
और हम बताना भी नहीं आता।
तुमसे बात करना है,
पर डर लगता है,
कि कहीं तुम हमारी बातों को ना समझो,
और हम समझना भी नहीं आता।
तुमसे जुड़ना है,
पर डर लगता है,
कि कहीं तुम हमें छोड़ दो,
और हम अपनाना भी नहीं आता।
_वैभव कुमार सेजवार_
#SejwarInkOfficial
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