अब सुकून मिलने लगा है मुझे,
तेरे बिना जीने की आदत हो गई,
जो खालीपन तू छोड़ गया था,
वो भी अब मेरी राहत हो गई।
मैंने सीखा है खुद को समझना,
हर दर्द को शब्दों में ढालना,
अब आंसू नहीं बहते बेवजह,
मैंने सीख लिया है संभलना।
तेरी यादें अब बोझ नहीं,
बस एक बीती कहानी हैं,
जिसमें मैं था पूरा तेरा…
और तू बस मेरी नादानी है।
अब जो रास्ता चुना है मैंने,
वो सिर्फ मेरा है, मेरा ही रहेगा,
कोई आए या जाए जिंदगी में,
अब ये दिल खुद से ही सच्चा रहेगा।
इश्क़ ने तोड़कर जो बनाया मुझे,
वो पहचान अब खास बन गई,
मैं गिरा जरूर था तेरे जाने के बाद…
पर अब मेरी उड़ान आसमान बन गई।
Written & Composed by Vaibhav Kumar Sejwar
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